चर्च में यूथ , कब्रिस्तान व्यवस्था,पासट्रेट कमेटी पर सवाल
चर्च में यूथ और कब्रिस्तान व्यवस्था तथा पास्ट्रेट कमेटी पर गंभीर सवाल क्या चर्च की गतिविधियाँ केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं? यदि चर्च में नियमित रूप से संडे स्कूल नहीं हो रहा, WFCS की गतिविधियाँ नहीं हो रही हैं और यूथ की नियमित बैठकें भी नहीं हो रही हैं, तो युवाओं के आध्यात्मिक और सामाजिक विकास के लिए जिम्मेदार कौन है? पास्ट्रेट कमेटी की बैठक नहीं होती है
30 अगस्त 2026 को यूथ दिवस क्यों नहीं मनाया गया? यदि यूथ के लिए कार्यक्रम और बैठकें ही नहीं होंगी, तो युवाओं को चर्च से कैसे जोड़ा जाएगा? यूथ कैम्प को लेकर सवाल क्या यूथ कैम्प में बार-बार एक ही व्यक्ति को अवसर मिलना उचित है? चर्च की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग न लेने वाले लोगों को बार-बार प्रतिनिधित्व क्यों मिलता है? निर्धारित आयु सीमा पूरी न करने वाले व्यक्ति को यूथ कार्यक्रम में भेजे जाने की व्यवस्था क्या है? यदि यूथ से चंदा या निर्धारित राशि जमा नहीं हो रही है, तो कैम्प में प्रतिभाग करने का खर्च किस व्यवस्था से पूरा किया जा रहा है? यदि किसी यूथ को पास्टर की अनुमति नहीं मिली थी, तो डायसिस द्वारा सीधे बुलाने की प्रक्रिया क्या थी? क्या इसमें स्थानीय पास्टर की भूमिका और अधिकार का सम्मान किया गया? लखनऊ गये यूथ के पैसे का भुगतान कब होगा? लखनऊ गये यूथ के बच्चों का खर्च यदि अभी तक वापस नहीं किया गया है, तो आगे यूथ के लोग किसी कार्यक्रम में कैसे भाग लेंगे? पहले जिन बच्चों ने खर्च किया है, उनका पैसा दिलाया जाए। और जब राशि दी जाए तो उसे चर्च के प्रेसीडेंट को सौंपकर उचित हिसाब में दर्ज किया जाए, अथवा जिस व्यक्ति/व्यक्ति समूह से सहायता मांगी गई थी, उसे ही राशि वापस की जाए, ताकि धन के उपयोग को लेकर कोई विवाद न रहे। आजमगढ़ कब्रिस्तान को लेकर भी जवाब जरूरी है आजमगढ़ कब्रिस्तान में किसी व्यक्ति को दफनाए जाने की घटना के संबंध में यदि पास्ट्रेट कमेटी को पूर्व जानकारी नहीं थी, तो यह गंभीर प्रशासनिक प्रश्न है। दफनाने की अनुमति किसने दी? क्या पास्टर को इसकी जानकारी और अनुमति थी? पास्ट्रेट कमेटी को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? यदि कब्रिस्तान के लिए चंदा/सदस्यता की व्यवस्था है, तो बिना निर्धारित प्रक्रिया के दफनाने की अनुमति कैसे मिली? बिना पास्टर के कैसे अंतिम संस्कार किया गया ? जो सदस्य नियमित रूप से चंदा देते हैं, उनके लिए नियम अलग और दूसरों के लिए अलग क्यों? पूरे मामले की जानकारी सदस्यों के सामने पारदर्शी रूप से क्यों नहीं रखी गई? चर्च की व्यवस्था नियम, समानता और पारदर्शिता से चलनी चाहिए। जो लोग नियमित रूप से अपना योगदान देते हैं, उन्हें यह महसूस नहीं होना चाहिए कि नियम केवल उनके लिए हैं। हमारी मांग यूथ को अवसर मिले, चर्च की गतिविधियाँ नियमित हों, खर्च का पूरा हिसाब हो और कब्रिस्तान की व्यवस्था स्पष्ट नियमों के अनुसार चले। किसी व्यक्ति को निशाना बनाना उद्देश्य नहीं है। उद्देश्य केवल इतना है कि चर्च में पारदर्शिता, समानता, अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे। सवाल पूछना विरोध नहीं—व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास है। — अनीता साइलेस एडवोकेट | समालोचक लेखिका | स्वतंत्र पत्रकार
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